एक कहानी पहली बार गाँव के कुव पर तीन महिलाये पानी भर रही थी तभी एक महिला का बेटा वहा से गुजरा उसकी माँ बोली "वो देखो मेरा बेटा" इंग्लिश मीडियम मई है थोड़ी देर बाद दूसरी महिला का पुत्र गुजरा उसकी माँ बोली " वो देखो मेरा बेटा सीबीएसई में है तभी तीसरी महिला का पुत्र वह से गुजरा दुसरे बेटे की तरह ही उसने अपनी माँ को देखा और माँ के पास आया और पानी से भरी गघरी उठाकर उसने अपने कंधे मई रखी और दुसरे हाथ से भरी हुई बाल्टी सभाली और से बोला की चल माँ घर चल| उसकी माँ बोली ये सरकारी स्कूल मै पड़ता है उस माँ के चेहरे का आनंद देख बाकी दूसरी महिलाओ की नजरे झुक गई उपोरोक्त कहानी का तात्पर्य यही है की बेटा कही पर पढ़े परन्तु अपने संस्कार नहीं भूलना चाहिय अपने से बड़ो के प्रति क्योकि बड़े तो बड़े होते है और छोटे तो छोटे हे रहते है फिर चाहे वह कितने भी बड़े हो जाये बड़ो का आदर करना चहिये | धन्यवाद
अमानगंज नगर में माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा भारत में चलाये जा रहा ये जनता कर्फ्यू अभियान हर जिले और हर शहर में सभी लोगो का ये सहयोग सभी लोगो ने शयम ५ बजे ताली थाली और घंटी बजाकर सभी लोगो ने अपना अपना थोड़ा थोड़ा समय योगदान दिया
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